
दिल्ली की सडको न जाने कितनी लडियां मजबूर हैं हाथ फ़ैलाने के लिए।

ये तस्वीर है एक ख़ूबसूरत शहर के बदसूरत हालत की ।

असली चेहरा तेरे-मेरे शहर का ।

भगवन के हाथो में कटोरा।

दुसरे का दर और मै मजबूर साला।

मुस्कुराता बचपन

देश का भविष्य सडको पर भीख मांगने को मजबूर क्यों ?

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